विश्व में राम



About the Book : विश्व में राम

"हरि अनंत, हरि कथा अनंता।
कहहिं सुनहिं, बहु बिधि सब संता।।"

जगत्पावनी श्रीराम कथा व्यापक लोकमंगलकारी, सारगर्भित एवं उदात्त आदर्शों से समन्वित है । यह कथा शताब्दियों से विभिन्न दार्शनिकों, चिंतकों तथा विद्वानों द्वारा प्रस्तुत की जाती रही है । यह काल से परे एवं सदा ही प्रासंगिक रहने वाली कथा जनमानस को अभिसिंचित करती रही है तथा आगे भी करती रहेगी। शाश्वत मूल्यबोध, युगबोध और जीवन मूल्यों को संजोये रामकथा अथवा राम साहित्य प्रेरणा की, मर्यादा की अजस्र प्रवाहिनी सदृश है जिसमें अवगाहन करने मात्र से चिंतन में विस्तृति आती है।

'विश्व में राम' देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त राम साहित्य विषयक शोध-आलेखों का संकलित रूप है। विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित रामकथा, रामाश्रित काव्य एवं नाटक, उपन्यास, चित्र आदि बहुविध विषयवस्तु को समेटे यह पुस्तक इस चुनौतीपूर्ण समय में हमें बेहतर जीवन की दिशा दिखा पाएगी, ऐसी उम्मीद करते हैं । यह पुस्तक हिंदी विभाग मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का अमृत-तत्व है, जो सभी सुधिजनों के लिए प्रस्तुत है।

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About the Editor: संपादक : डॉ. नीता त्रिवेदी
जन्म : 26 जून,1979, उदयपुर (राज.)
शिक्षा : एम. ए. (हिन्दी), पीएच.डी., नेट|
प्रकाशन : पुस्तक – कथाशिल्पी नरेन्द्र कोहली, विभिन्न राष्ट्रीय एवं अन्तरर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में शोध आलेख प्रकाशित|
अध्ययन-क्षेत्र : कथा-साहित्य, भक्तिकालीन काव्य एवं समकालीन कविता|
सम्प्रति : सहायक आचार्य, हिन्दी विभाग, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
सम्पर्क : 501, रिद्धि-सिद्धि पार्क, न्यू नवरत्न कॉम्प्लेक्स, भुवाणा, उदयपुर – 313001 (राज.)
दूरभाष : 9950960999
ई-मेल : neetatrivedi1979@gmail.com

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